वसुंधरा के राज में
20 दिन से अखबार के दफ्तर पर ताला
सट्टा माफिया नारंग के हैडक्वाटर में रोजाना महफ़िल
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मात्र एक किमी दूर सट्टा बुक्की माफिया राकेश नारंग का आलीशान कार्यालय है। रोजाना यंहा 5 करोड़ का दाव लगाया जाता है। महफ़िल जमती है।
वन्ही जिला मुख्यालय पर ही एक दैनिक अखबार सांध्यदीप पर पिछले 20 दिन से ताला लटका है। कारण यह है कि सम्पादक सतीश बेरी ने पुलिस और माफिया के गठजोड़ का खुलासा कर दिया था। नतीजा 1 मई की शाम को सरेआम नारंग के गुंडों ने हमला कर दिया। हाथ और पैर तोड़ दिए।
पत्रकार जी के 2 ऑपरेशन हो चुके हैं। पर्चा बयान पर मुकदमा भी दर्ज हुआ। नाम बताने के बावजूद नारंग और उसके गुंडों को नामजद नहीं किया गया।
अखबार के दफ्तर पर ताला है। आंधी तूफान की धूल दफ्तर की हालत को बयां कर रही है।
नारंग आज भी अपने गुंडो के साथ एच ब्लॉक में अपना धंधा सरेआम चला रहा है।
अंग्रेजों के राज में भी अखबार सरकार के ख़िलाफ लिखते थे। सरकार गिरफ्तार करती और कुछ समय छोड़ दिया जाता। कभी उनके हाथ पैर नहीं तोड़े गए।
आज भारत गणराज्य है। प्रजा का राज होने का दावा विश्वस्तर पर किया जाता है, लेकिन 20 दिन गुजरने के बावजूद सरकार का स्थानीय पीआरओ, कलक्टर, एसपी या एसएचओ तक नहीं आया।
पत्रकार सतीश बेरी अब कभी बाइक
नहीं चला सकेंगे। उनका घुटने की पुटेला हड्डी को काट दिया गया है।
डॉक्टरों ने उन्हें 1 माह अभी बैड पर रहने के लिए कहा है। वे जीवन मे अब 20 किलो का वजन नहीं उठा पाएंगे।
सुराज का दावा करने वाली मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के राज में अखबार का दफ्तर बन्द है और जरायमपेशा करने वाले राकेश नारंग की जय जय कार
कांग्रेस और भाजपा के नेता भी कर रहे हैं। सभी को चुनाव में चन्दा लाखो का मिलता है।
##नरेंद्र मोदी के दफ्तर तक आवाज पहुंची लेकिन मोदी सरकार से अच्छे दिन की उम्मीद है।
# मोदी सरकार के अच्छे दिन
#वसुंधरा का सुराज
# अखबार के दफ्तर पर 20 दिन से ताला
# सट्टा बुक्की माफिया
# पत्रकार सतीश बेरी पर कातिलाना हमला
20 दिन से अखबार के दफ्तर पर ताला
सट्टा माफिया नारंग के हैडक्वाटर में रोजाना महफ़िल
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मात्र एक किमी दूर सट्टा बुक्की माफिया राकेश नारंग का आलीशान कार्यालय है। रोजाना यंहा 5 करोड़ का दाव लगाया जाता है। महफ़िल जमती है।
वन्ही जिला मुख्यालय पर ही एक दैनिक अखबार सांध्यदीप पर पिछले 20 दिन से ताला लटका है। कारण यह है कि सम्पादक सतीश बेरी ने पुलिस और माफिया के गठजोड़ का खुलासा कर दिया था। नतीजा 1 मई की शाम को सरेआम नारंग के गुंडों ने हमला कर दिया। हाथ और पैर तोड़ दिए।
पत्रकार जी के 2 ऑपरेशन हो चुके हैं। पर्चा बयान पर मुकदमा भी दर्ज हुआ। नाम बताने के बावजूद नारंग और उसके गुंडों को नामजद नहीं किया गया।
अखबार के दफ्तर पर ताला है। आंधी तूफान की धूल दफ्तर की हालत को बयां कर रही है।
नारंग आज भी अपने गुंडो के साथ एच ब्लॉक में अपना धंधा सरेआम चला रहा है।
अंग्रेजों के राज में भी अखबार सरकार के ख़िलाफ लिखते थे। सरकार गिरफ्तार करती और कुछ समय छोड़ दिया जाता। कभी उनके हाथ पैर नहीं तोड़े गए।
आज भारत गणराज्य है। प्रजा का राज होने का दावा विश्वस्तर पर किया जाता है, लेकिन 20 दिन गुजरने के बावजूद सरकार का स्थानीय पीआरओ, कलक्टर, एसपी या एसएचओ तक नहीं आया।
पत्रकार सतीश बेरी अब कभी बाइक
नहीं चला सकेंगे। उनका घुटने की पुटेला हड्डी को काट दिया गया है।
डॉक्टरों ने उन्हें 1 माह अभी बैड पर रहने के लिए कहा है। वे जीवन मे अब 20 किलो का वजन नहीं उठा पाएंगे।
सुराज का दावा करने वाली मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के राज में अखबार का दफ्तर बन्द है और जरायमपेशा करने वाले राकेश नारंग की जय जय कार
कांग्रेस और भाजपा के नेता भी कर रहे हैं। सभी को चुनाव में चन्दा लाखो का मिलता है।
##नरेंद्र मोदी के दफ्तर तक आवाज पहुंची लेकिन मोदी सरकार से अच्छे दिन की उम्मीद है।
# मोदी सरकार के अच्छे दिन
#वसुंधरा का सुराज
# अखबार के दफ्तर पर 20 दिन से ताला
# सट्टा बुक्की माफिया
# पत्रकार सतीश बेरी पर कातिलाना हमला
No comments:
Post a Comment