कर्नाटक चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों के बहुमत से दूर होने की आशंका
श्रीगंगानगर। दक्षिण भारत के प्रमुख प्रदेश कर्नाटक चुनावों को लेकर सांध्यदीप की टीम ने वहां से महत्वपूर्ण जानकारी जुटायी है। जो जानकारी वहां के प्रमुख लोगों से मिली है, उसके अनुसार कांग्रेस और भाजपा दोनों को ही स्पष्ट बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा है।मुख्यमंत्री सिद्धरमैया का विरोध तो है लेकिन वह इतना नहीं है कि भारतीय जनता पार्टी उसके दम पर सत्ता हासिल कर ले। वहीं नोटबंदी और जीएसटी के बाद देश में जिस तरह के आर्थिक हालात पैदा हुए हैं, उससे यह प्रदेश भी अछूता नहीं रहा है और बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा बन गया है। दोनों ही प्रमुख पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं।
कर्नाटक से एक बड़े अधिकारी से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार कनार्टक में त्रिशंकु विधानसभा बन सकती है और वहां दो दल मिलकर ही सरकार बनायेंगे। किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा। ऐसा खुफिया अधिकारी भी मान रहे हैं।
हिन्दु-मुस्लिम का वहां मुद्दा नहीं है लेकिन हिन्दू धर्म को ही तोड़कर एक अलग जाति को अन्य धर्म का जो निर्णय सिद्धरमैया सरकार ने लिया है, वह उसको Óयादा सफलता नहीं दिला पायेगा। उससे उसको नुकसान होने की अंदेशा जताया जा रहा है। यही कारण है कि भारी विरोध नहीं होने के बावजूद यही माना जा रहा है कि सिद्धरमैया स्पष्ट बहुमत से दूर ही रह जायेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 रैलियां कर्नाटक चुनाव में करेंगे लेकिन वे पार्टी को सत्ता तक ले जायेंगे, इस बारे कोई भी आश्वस्त नहीं है।
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